Search This Blog

Wednesday, 9 June 2010

अंडरवर्लड डॉन छोटा राजन का इंटरव्यू

( हाल ही में मुंबई के चेंबूर इलाके में छोटा राजन के खास गुर्गे फरीद तनाशा की हत्या कर दी गई। इस हत्या के पीछे एक शक खुद छोटा राजन पर भी जताया जा रहा है। राजन ने 07-06-2010 को मुझे फोन किया और फरीद तनाशा समेत मुंबई अंडरवर्लड के नये समीकरणों और दाऊद के मौजूदा ठिकाने पर कई बातें बताईं। उस इंटरव्यू के कुछ खास अंश यहां पेश हैं)
जीतेंद्र-आपकी जानकारी के मुताबिक फरीद तनाशा की हत्या किसने करवाई?छोटा राजन- ये भरत नेपाली का काम है। नेपाली पहले मेरे साथ काम करता था। पैसा की खातिर और अपना नंबर बढाने का वास्ते उसने ये काम किया..लेकिन उसके पास इतने छोकरे लोग नहीं है कि वो मेरे एरिया में आकर इतना बडा काम करे। यूपी-वीपी से छोकरे लाकर ही उसने तनाशा का काम किया..पर ये बरोबर नहीं है। चेंबूर, सहकार नगर कॉलोनी पीसफुल एरिया है। उधर ऐसा किया ये मेरे को बराबर नहीं लगा। लोगों को कन्फ्यूजन है कि ये मैने किया है..लेकिन ये भरत नेपाली का काम है।

जीतेंद्र- क्या फरीद तनाशा ने आपके दुश्मन छोटा शकील से हाथ मिला लिया है? तनाशा और छोटा शकील के बीच करीबी कैसे आई ?
छोटा राजन- तनाशा जब जेल में था तो बमकांड के आरोपियों के साथ रहता था। उनके साथ चाय वगैरह पीता था। वही टाईम से उन लोगों ने धरम के नाम का वास्ता देकर उसको अपने साथ में करने के लिये ब्रेन वॉश करना शुरू किया। शकील ने भी बात किया कि तू अपने धरम का है अपने साथ आजा। इसलिये वो फूट गया।

जीतेंद्र-क्या छोटा शकील के लोगों से दूर रहने की चेतावनी आपने कभी तनाशा को दी थी?
छोटा राजन – जब मेरे को ये मालूम पडा तो 2 बार मैने तनाशा को वार्निंग दिया। मैं उसको बोला क्या रे मा@#$%द वो लोग के साथ काय को घूमता है तो मेरे को जवाब दिया कि क्या भाई वो लोग अगर अपुन को सलाम करेंगा तो क्या अपुन जवाब भी नहीं देंगा। मैने उसको समझाया कि वो लोग दुश्मन हैं, ब्लास्ट वाले हैं उनसे सलाम काहे को लेने का। इसके अलावा कुछ और भी बातें मुझे पता चली।वो नहीं माना। अगर भरत नेपाली ने उसका मर्डर नहीं करवाया होता तो शायद मेरे को ही अपना हाथ खराब करना पडता। मेरे लिये इस तरह किसी का छोड कर जाना कोई नई बात नहीं है।

जीतेंद्र -भरत नेपाली आपसे क्यों अलग हुआ?
छोटा राजन- साल 2000 में किसी ने मुझे भरत नेपाली के नाम की सिफारिश की थी कि ये अपनी कॉलनी का लडका है। अपने एक दोस्त के यहां ड्राईवर का काम करता था। अच्छा लडका है, वफादार रहेगा ये बताया गया था इसलिये मैने उसको काम पर रखा। ये सब लोग पैसा के लिये काम करने वाला आदमी निकला। भरत नेपाली बाद में संतोष शेट्टी के चक्कर में आ गया। शरद शेट्टी ने नेपाली को दुबई में शकील से मिलवाया था। दोनो ने मलेशिया में मेरे आदमी बालू डोकरे का मर्डर कर दिया। बालू डोकरे को संतोष शेट्टी इंडोनेशिया में बोला था कि वो भी शकील गैंग ज्वाइन कर ले..लेकिन डोकरे ने उसके साथ गाली गलौच किया था।जब से मैं दाऊद से अलग हुआ हूं ये सब मेरे से फूटने लगे। सुनील सावत्या, रवि पुजारी, हेमंत पुजारी, गुरू साटम, अनिल परब सब अलग हो गये। भरत नेपाली और संतोष शेट्टी, दाऊद से मिलकर मेरी हत्या करना चाहते हैं। ये फरीद तनाशा भी छोटा शकील को बोल रहा था कि नेपाली और संतोष तो छोटा राजन का कुछ नहीं कर सकते। मैं तुम्हारा काम करके बता सकता हूं।

जीतेंद्र-हाल ही में दाऊद इब्राहिम की बहन हसीना पारकर से भी आपकी एक बार बात हुई है। ये किस सिलसिलें में हुई थी?
छोटा राजन- 2-3 महीने पहले दाऊद की बहन हसीना पारकर ने मेरे को मैसेज भिजवाया था कि उसको मेरे से बात करने का है। मैने फोन किया तो उसने मेरे को बताया कि कोई उसे मेरे नाम से धमकी दे रहा है, गाली गलौच कर रहा है, पैसे मांग रहा है। मैने उसको पूछा कि क्या आपको लगता है कि मैं इस तरह का काम करुंगा? मैने क्लियर किया कि देखो आपके साथ मेरे को कोई प्रॉब्लम नहीं है। काहे को मैं आपको तकलीफ देंगा। मैं ऐसा कभी करता नहीं। आपको दाऊद भाई से भी आप ये बात पूछ सकती हो। वो भी बताएंगा। मेरे को आपके भाई को ठीक करने का है।आपसे मेरे को कोई प्रोब्लम नहीं। मैं जब दाऊद के साथ तो आपको बहन जैसा मानता था। अभी भी वैसा ही है।

जीतेंद्र- आपकी सेहत कैसी है? खबरें आ रही थीं कि आपकी तबियत बेहद खराब चल रही है? आपकी किडनी खराब हो गई है?
छोटा राजन- (हा हा हा।) ये सब दाऊद के लोगों ने गलत फैलाया है मेरे बारे में। वो क्या हुआ था कि बैंकॉक के फायरिंग में मेरे को एक गोली पेट में लगी और एक थाई (जांघ) में। पेट में जो गोली लगी थी तो उससे इंटेस्टाईन फट गया था (अंतडियों को नुकसान पहुंचा था) उसमें इंफैक्शन फैल गया। डॉक्टरो ने ऑपरेशन करके उसके ठीक कर दिया। अभी मैं एकदम फिट हूं। भागता दौडता हूं।

जीतेंद्र-हर इंसान अपने दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रख रखता है। आपका दुश्मन दाऊद इन दिनों कहां है और वो क्या कर रहा है?

छोटा राजन- दाऊद ठीक इस वक्त किधर है ये मैं आपको नहीं बताउंगा..लेकिन मैं आपको ये बता सकता हूं कि वो गये 3 साल से कराची में नहीं है। वो मिडिल इस्ट में एक जगह है। वो आईएसआई की गोद में बैठा हुआ है। मशीनगनों का पहरा है। मैं 16 साल से उससे लड रहा हूं और मेरी उसपर नजर है।मेरे को दाऊद को खत्म करने का है। मेरे को मेरा देश से प्यार है। मैं इंडियन है। बैंकॉक में मेरे साथ जो कुछ हुआ उसके बाद से ये सब लोग पैसा के चक्कर में पड गया और अपना अलग काम करने लगा। मैंने कभी किसी बेगुनाह आदमी को तकलीफ दिया नहीं। आप चेक करो। मैने गये 10 सालों में किसी बेगुनाह को एक्सटोर्शन के लिये मारा नहीं। किसी बिल्डर का मर्डर किया नहीं। हां मैने दाऊद के लोगों को मारा है। मैं दाऊद के खिलाफ हूं, रहूंगा और मरते दम तक रहूंगा।

जीतेंद्र-क्या ये बात सच है कि 15 सितंबर 2000 को जब बैंकॉक में आप पर हमला हुआ तो उसके बाद से आपका गिरोह कमजोर पडने लगा?
छोटा राजन- अगर ऐसा है तो फिर सावत्या का मर्डर मैने कैसे करवाया, शरद शेट्टी को मैने कैसे मरवाया, नागपाडा में घर में घुसकर छोटे मियां और आशिफ दाढी पर फायरिंग कैसे करवाई? खबरी अमजद पटेल और हिमांशु को कालाघोडा में कैसे मारा। ओ.पी.सिंह को कैसे मारा? अभी गये साल नेपाल में कमल नेपाली का गेम कैसे बजाया? मैं कैसे कमजोर हो गया? ये सारी गलत बातें मेरे दुश्मन मेरे बारे में फैला रहे हैं। उन्होने तो ये तक अफवाह फैला दी कि मेरी किडनी खराब हो गई है। नेपाली मुझे छोड कर चला गया...ये चला गया...वो चला गया...मेरे को कई फर्क नहीं पडता है। जो मुझे करना है वो मैं करूंगा। उसके लिये मुझे मरना भी पडे तो कोई गम नहीं है। अपने ऊपर गोली चलने के बाद भी मैने दाऊद के कई लोगों को मारा..लेकिन वो एक बालू डोकरे को छोडकर कुछ नहीं कर पाया।

जीतेंद्र- डीके राव और विकी मल्होत्रा जैसे आपके गैंग मेंबर भी फरीद तनाशा के साथी थे। क्यो दोनो अब भी आपके प्रति वफादार हैं या उन्होने भी आपसे गद्दारी कर दी है?
छोटा राजन- डी.के.राव भी मेरे साथ है और विकी मल्होत्रा भी मेरे साथ है। इन लोगों की भावनाएं अभी मरीं नहीं हैं। ये लोग प्रिंसिपल से चलते हैं।

जीतेंद्र- आप विदेश में छुपकर अपना गैंग चला रहे हैं। क्या आपका भारत वापस लौटने का कोई इरादा है?
छोटा राजन- नहीं। भारत की मुझे बहुत जरूरत है लेकिन देखिये जैसे रॉ की गुप्ता जैसी औफिसर वहां पाकिस्तान में बैठ कर देशभक्तों को मरवाती थी तो हम किस पर भरोसा करें? वहां कई बडे पोस्ट पर दाऊद के लोग बैठे हैं। ऐसा नहीं है कि सभी औफिसर्स की भावनाएं मर गईं हैं। कई औफिसर जाने अनजाने में मेरी मदद करते हैं। आई अप्रीशिएट दैट.

जीतेंद्र-पिछली बार जब विधान सभा चुनाव में आपके भाई दीपक निकालजे खडे हुए तो ये खबर आई कि उनका राजनीति में जाना आपको पसंद नहीं है। क्या ये सच है?
छोटा राजन- नादान है वो। उसकी बुद्धि राजनीति के लायक नहीं है। राजनीति में आकर वो लोगों का क्या भला करेगा। उसपर खुदका अपना नाम बनाने की सनक सवार है।

9 comments:

रंजन said...

लग रहा था.. किसी फ़िल्म के डायलोग है... क्या ये वास्तव में सच है?

Jitendra said...
This comment has been removed by the author.
रंजन said...

gr8..

Kehta Hai Dil said...

Hello Sir! It was a very nice interview which clarified many doubts about Chota Rajan whethtr of his health, his power or his communication with Dawood's sister. Even the presentation the dramatisation where the person ws speaking in dim light was very effective which can last for more time. Good work sir. Keep such kinds of works and keep doing such kind of khulasas. all the best for your future works.

अजित त्रिपाठी said...

सब कुछ फिल्मी लग रहा है सर लेकिन आपकी रिपोर्टिंग देखते देखते ये भी लगता है कि ये सारी बातें सच हैं..ग्रेट सर रियली ग्रेट।

sman said...

usne( chota rajan ) kah diya ,, i am indian ,,mera massage use send karo ki kasaab and afjal guru ko sareaam goli mar de,,,,,,,, nahi to mujhe apne hath uthane padenge,,,,

NANA INDIAN said...

mera massage daud ko send karo ki inmdia world cup ler jayega,,, or tu dekhta rah jayega

NANA INDIAN said...

use kah do ki india par hak jamana chod de ,,kyonki india hundustaniyo ka heeeeeeee,,,or rahega,,,,,,,,,,

krantijyot said...

Jitendra sir, i like u r Interview.... Congrets