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Thursday, 27 August 2015

Cops tried to hide it but this is how news of Indrani Mukherjea's arrest broke!


It was around 7pm on the evening of August 25. I was busy discussing next day’s stories with my reporters when a call came on my cell phone. On the other end was an old source who was screaming at the top of his voice – “ Your ex boss Peter Mukherjea’s wife Indrani has been arrested by Khar police. She killed her sister Sheena Vora and disposed off her dead body in the forests of Raigadh. She has been remanded to police custody till August 31”. I was shocked to listen to these words and at the same time I understood that I was going to break a very big story. However, I wasn’t aware that this story will be full of so much drama and complexities. I never met Indrani, but in 2003 when I joined Star News as its Principal Correspondent, Peter Mukherjea was CEO of Star India. I never had any official interaction with him but whenever we came across each other in Mahalaxmi office of Star India, he used to ask me about Mumbai underworld and appreciate my crime show “Red Alert” which was aired on Star News at those days. The source who tipped me about the arrest of Indrani was a trusted one and his information was always accurate, however, it was very much necessary to officially confirm this information before airing it on the news channel.

I immediately asked my colleague Ganesh Thakur who covers crime beat to get the information confirmed from Mumbai Police. He called up a senior cop, but instead of providing any detail he reverted by asking Ganesh – Who gave you this information? The case was related to a very high profile media personality. Police was not willing to take any risks and made all efforts to prevent information from leaking to media. Actually cops intended to reveal about this case few days later. All officers of Khar police station had switched off their phones. Police commissioner Rakesh Maria himself was not taking any calls. His constable received our calls only to tell that Mr.Maria was busy into something. Staff of Bandra court was also instructed that the copy of remand application must not reach hands of media. SP of Raigadh Police was also told not to speak about the case with any journalist. However, after struggling for around 2 hours, we managed to confirm the information and I broke the news at 9pm with a live chat saying that Media Mogul Peter Mukherjea’s wife Indrani has been arrested on charges of killing her sister Sheena Vora. She has disposed off her dead body in Raigadh. Bandra court has remanded her to police custody till August 31. Till then it was not clear that Sheena Vora in reality was Indrani’s daughter whom she introduced as her sister to the world including her husband Peter.


Meanwhile, Ganesh Thakur rushed to Khar police station. He got some more information. Ganesh got to know that Indrani was assisted by her driver Shyam Rai in the murder and a third person was also involved in the case. By morning we were able to reach that location on Pen-Khopoli road in Raigadh district where Sheena’s body was disposed off. Since that day consistently new information is flowing in on the case which is shocking as well as dramatic. We are coming across such a story which you see only in crime fictions. It is developing as a story which has greed, hatred, passion and ambition. 

ऐसे ब्रेक हुई इंद्राणी मुखर्जी की गिरफ्तारी की खबर!



25 अगस्त की शाम 7 बजे के करीब एबीपी न्यूज के दफ्तर में अगले दिन की खबरों को लेकर मैं अपने रिपोर्टरों से चर्चा कर रहा था, तभी एक पुराने सूत्र का फोन आया तुम्हारे पुराने बॉस पीटर मुखर्जी की बीवी इंद्राणी मर्डर केस में गिरफ्तार हो गई है। खार पुलिस स्टेशन ने आज ही पकडा है उसको। अपनी बहन शीना वोरा को ही मारा उसने और उसकी बॉडी को रायगढ के जंगल में जाकर जला दिया। 31 अगस्त तक रिमांड हुई है। फोन पर उस सूत्र के इन शब्दों ने बडा झटका दिया और इसका अंदाजा उसी वक्त मुझे आ गया कि शायद मैं एक बहुत बडी खबर ब्रेक करने जा रहा हूं...लेकिन इस खबर में इतना ड्रामा होगा, इतने पहलू होंगे, इतनी उलझन होगी इसका अंदाजा उस वक्त नहीं था। इंद्राणी से मैं कभी नहीं मिला था, लेकिन साल 2003 में जब मैने स्टार न्यूज बतौर प्रधान संवाददाता ज्वाइन किया था तब पीटर मुखर्जी स्टार इडिया के सीईओ थे। आधिकारिक तौर पर मेरा उनसे कोई सीधा ताल्लुक नहीं था, लेकिन महालक्ष्मी में स्टार के दफ्तर में आमना सामना होने पर अक्सर वे मुझसे मुंबई अंडरवर्लड से जुडे सवाल पूछा करते थे और उस वक्त चलने वाले मेरे क्राईम शो रेड अलर्ट की सराहना करते थे। जिस सूत्र ने मुझे मुखर्जी की पत्नी की गिरफ्तारी की खबर दी थी वो बडे ही भरोसे का आदमी था और उसकी खबर हमेशा पक्की रहती थी, फिर भी इतनी बडी खबर अच्छी तरह से ठोक बजाकर और आधिकारिक पृष्टि के बाद ही चलाना ठीक था।

मैने तुरंत अपने सहकर्मी क्राईम रिपोर्टर गणेश ठाकुर को मुंबई पुलिस से इस खबर की पृष्टि करने को कहा। गणेश ने जब एक आला पुलिस अधिकारी को फोन पर इस बारे में पूछा तो वो चौंक पडा और उलटा उसने गणेश से सवाल किया कि तुम्हें ये जानकारी किसने दी? मामला मीडिया से जुडी एक बहुत ही हाई प्रोफाईल शख्सियत का था और पुलिस ने इस खबर को लीक होने से रोकने के पूरे इंतजाम कर रखे थे। दरअसल पुलिस इस मामले को एक दो दिन बाद बताना चाहती थी। खार पुलिस थाने के तमाम अफसरों ने अपने फोन बंद कर रखे थे। पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया खुद अपना फोन रिसीव ने करके कांस्टेबल से फोन रिसीव करवाते और व्यस्त होने का बहाना बनाकर बात नहीं करते। बांद्रा कोर्ट में भी स्टाफ को हिदायत दे दी गई थी कि रिमांड अर्जी की कॉपी मीडिया के हाथ न लगे। रायगढ पुलिस के एसपी को कहा गया था कि इस बारे में किसी से कोई बात न करे। बहरहाल 2 घंटे की मशक्कत के बाद जैसे तैसे खबर की आधिकारिक पृष्टि हो गई और मैने 9 बजे एबीपी न्यूज पर लाईव चैट करते हुए खबर ब्रेक कर दी कि मीडिया जगत की एक बडी हस्ती पीटर मुखर्जी की पत्नी इंद्राणी अपनी बहन शीना वोरा की हत्या के आरोप में गिरफ्तार हो गई है। रायगढ में जाकर उसने शीना के शव को ठिकाने लगाया। उसे 31 अगस्त तक के लिये बांद्रा कोर्ट ने पुलिस हिरासत में भेज दिया है। उस वक्त तक ये बात सामने नहीं आई थी कि इंद्राणी अपनी बेटी शीना को दुनिया के सामने बहन बताकर पेश करती थी और ये राज उसने अपने पति पीटर से भी छुपाये रखा था।


इस बीच मैने गणेश ठाकुर को खार पुलिस थाने रवाना कर दिया। थोडी ही देर में उसके पास काफी और भी जानकारी आ गई। गणेश को पता चला कि इंद्राणी ने हत्या अपने ड्राईवर श्याम राय के साथ मिलकर करवाई थी और इस मामले में एक तीसरा शख्स भी शामिल है। सुबह होते होते हमें रायगढ के पेण-खोपोली रोड पर वो ठिकाना भी मिल गया जहां शीना की लाश को ठिकाने लगाया गया था। इसके बाद से लगातार इस मामले में नये नये खुलासे हो रहे हैं, जो चौंकाने वाले भी हैं और इतने नाटकीय भी हैं कि जिनसे कोई फिल्म नहीं बल्कि कई दिनों तक चलने वाला टीवी धारावाहिक बनाया जा सकता है। ऐसी जानकारियां हाथ लग रहीं हैं जिनपर यकीन कर पाना मुश्किल लग रहा है या फिर जो आपराधिक उपन्यासों में ही पढने मिलतीं हैं। ये एक ऐसी कहानी बनकर उभर रही है जिसमें लालच भी है, नफरत भी है और चाहत भी है।

Thursday, 13 August 2015

5 चीजें जो हमने राधे मां से सीखीं !


सुखविंदर कौर उर्फ राधे मां के मामले को देखकर हमें कई नई बातें पता चलतीं हैं तो वहीं कई पुराने अनुभवों को फिर एक बार बल मिलता है।

पढे लिखे और पैसे वाले लोग भी आ सकते हैं झांसे में।
आमतौर पर पाखंडियों के चक्कर में गरीब, अनपढ और भोलेभाले लोग जल्दी फंस जाते हैं, लेकिन सुखविंदर कौर उर्फ राधे मां के भक्तों में कई जानीमानी फिल्मी और टेलीविजन की हस्तियां, राजनेता, कारोबारी और पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं। ऐसे लोगों से सुखविंदर को करोडों का चढावा मिलता है। वैसे ये कोई नई बात नहीं इस तरह के स्वघोषित देवी देवताओं और धर्मगुरूओं के दरबार में पहले भी समाज के नामचीन लोग और उच्च तबके के सदस्य हाजिरी लगाते आये हैं। पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी का आसाराम के दरबार में जाना याद होगा आपको। इसी तरह दक्षिण के सत्य साईंबाबा के दरबार में भी देश के कई बडे राजनेता मत्था टेकने जाते थे। सुखविंदर ने उसी चलन की फिर एक बार याद दिला दी।

प्रचार माध्यम के जरिये किसी को भी भगवान बनाया जा सकता।
सुखविंदर कौर जब राधे मां के भेष मे अपने भक्तों के दर्शन देने के लिये प्रकट होती हैं तो ऐसा माहौल बनाया जाता है जैसे कि देवी मां खुद भक्तों से मिलने के लिये अपने धाम से उतरीं हैं। इसके लिये सुखविंदर को अपने घर रखने वाला गुप्ता परिवार प्रचार-प्रसार के सारे माध्यम इस्तेमाल करता है। सडकों के किनारे बडे बडे बैनर, यू ट्यूब पर राधे मां की चौकी के वीडियो, राधे मां के बारे में जानकारी देनेवाली वेबसाईट वगैरह का पूरा इस्तेमाल किया जाता है सुखविंदर को एक देवी के रूप में पेश करने के लिये। राधे मां के मामले का अध्ययन करने से पता चलता है कि किस तरह से पंजाब में दर्जी का काम करने वाली एक साधारण महिला को देवी बनाया जा सकता है और उसके जरिये कैसे करोडों हासिल किये जा सकते हैं।

संन्यासी की परिभाषा बदल गई है।
अब तक संन्यासी का मतलब होता था कि कोई ऐसा शख्स जो कि सांसारिक आकर्षणों का त्याग कर दे और अपने जीवन को ईश्वर की भकित में लगा दे। ईश्वर की भकित के अलावा उसकी किसी चीज में दिलचस्पी नहीं होती, लेकिन सुखविंदर का मामला ऐसा नहीं है। एक गृहस्थ इंसान अपने जीवन में जिन चीजों का आकर्षण रखता है, वो हर चीज सुखविंदर के पास है और भरपूर है। वो शादीसुदा है, उसके 2 बच्चे हैं, वो महंगी गाडियों में घूमती है, आलीशान बंगले में रहती है, करोडों के जेवरात पहनती है, विदेश घूमने जाती है, स्टाईलिश डिजाइनर कपडे पहनती है, फिल्मी गानों पर झूमती है...और क्या चाहिये? फिर भी सुखविंदर अपने अंधे भक्तों की नजर में एक संन्यासिन है।


पुलिस से मिलता है स्पेशल ट्रीटमेंट
एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच के दौरान आपके पास से नेलकटर या शेविंग रेजर भी निकल आया तो वो जब्त कर लिया जाता है, लेकिन राधे मां बनीं सुखविंदर हाथ में त्रिशूल लेकर विमान में सफर कर सकती है और कोई उसे कुछ नहीं कहता। देशभर में सालाना सैकडों लोग दहेज प्रताडना के सच्चे-झूठे आरोपों के चलते शिकायत दर्ज होते ही आईपीसी की धारा 498 A के तहत गिरफ्तार कर लिये जाते हैं। गिरफ्तारी के बाद पुलिस आगे की जांच करती है और सबूत जुटाती है, लेकिन सुखविंदर के मामले में पुलिस ने शिकायत दर्ज होने के बाद तय किया कि पहले जांच करके देखा जायेगा कि उसके खिलाफ कोई सबूत है या नहीं। गिरफ्तारी करनी है या नहीं, ये बाद में तय होगा। इसके अलावा गुप्ता परिवार के नाम रजिस्टर्ड जिस आलीशान कार में सुखविंदर घूमती है, उसका रजिस्ट्रेशन टैक्स चोरी के इरादे से फर्जी पते पर हुआ है, फिर भी पुलिस आंखें मूंदे रहती है।

बहती गंगा में सब हाथ धोते हैं

जो लोग कभी खुद को सुखविंदर उर्फ राधे मां का कट्टर भक्त बताते थे, वे लोग भी अब उसकी नैया डूबते देख खुलकर उसकी निंदा कर रहे हैं। मीडिया में उसके खिलाफ बयानबाजी करके मुफ्त की पब्लिसिटी हासिल कर रहे हैं।