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Thursday, 17 February 2011

मुंबई की लेडी वायरस-अब तक 27 शिकार

वो बदले की आग में जल रही है और उसके शिकार बन रहे हैं ऐसे मर्द जिन्होने उसका कुछ नहीं बिगाडा। ये कहानी है मुंबई की एक ऐसी लडकी की जो एचआईवी पॉजिटिव है लेकिन उसने तय कर लिया है कि अपनी मौत से पहले वो ज्यादा से ज्यादा मर्दों को इस वायरस से ग्रस्त करवाएगी। 
जो प्रसाद मुझे मिला है वो मैं सभी को बांटूंगी- ये शब्द हैं उस खूबसूरत लडकी के
जो पिछले डेढ साल में 27 लोगों को एचआईवी पॉजिटिव कर चुकी है।अब तक 27...जी हां 27 मर्द बन चुके हैं इसका शिकार....लेकिन अब भी इसकी हसरत पूरी नहीं हुई है...इसे चाहिये ऐसे लोग जिन्हें अपने हुस्न के जाल में कैद कर ये उन्हें एचआईवी पॉजिटिव कर सके...शिकार की तलाश अब भी जारी है।
डॉक्टर का बेटा, बिजनैसमैन, सेल्स बॉय, टैक्सी ड्राईवर, कुरियर वाला जिसने भी इसमें जरा भी दिलचस्पी दिखाई इसका शिकार हो गया, एचआईवी के वायरस से ग्रस्त हो गया। मध्य मुंबई में रहने वाली इस लडकी के जीने का मकसद बडा खौफनाक है। ये ज्यादा से ज्यादा मर्दों को एड्स की गिरफ्त में देखना चाहती है।
आखिर ये लडकी क्यों लोगों को बना रही है अपना शिकार? इसका जवाब है बदला। ये लडकी बदला लेने के लिये लोगों को एचआईवी से ग्रस्त कर रही है। मुंबई के जिस डॉक्टर ईश्वर गिलाडा के पास इसका इलाज चल रहा है और वे खुद भी इस लडकी की कहानी सुनाते हुए सिहर उठते हैं।
गिलाडा के मुताबिक 2005 में इसके पति ने इसे छोड दिया, जिसके बाद उसे पता चला कि वो एचआईवी से ग्रस्त है, तबसे उसने तय कर लिया कि वो ज्यादा से ज्यादा लोगों को खुद भी एचआईवी का शिकार बनाएगी।

मध्य मुंबई की इस लडकी की उम्र 29 साल है। ये काफी खूबसूरत है और इसकी यही खूबसूरती इसे अपना शिकार फंसाने में मदद करती है। वैसे तो ये लडकी एक मध्यमवर्गीय परिवार से है लेकिन नया शिकार खोजने के इरादे से ये हाऊस मेड का काम करती है। जिस भी घर में इसे नौकरी मिलती है वो या तो उसके मालिक को या फिर अगर उसके जवान लडके हैं तो उसका अपना शिकार बना लेती है। अपने खौफनाक इरादे पर अमल कर लेने के बाद ये शुरू कर देती है अगला शिकार खोजना।

बदला लेने के लिये इस लडकी के खौफनाक मिशन की पोल इसकी बहन ने ही खोली।  बहन और इसके घर के बाकी लोगों के मुताबिक उन्होने उसे इस तरह से लोगों की जिंदगी बर्बाद न करने के लिये काफी समझाया..लेकिन ये लडकी उलटा उन्हें एचआईवी ग्रस्त करने की धमकी देने लगी। डर के मारे घरवालों ने भी उसे टोकना बंद कर दिया।

ये लडकी अब भी नये शिकार की तलाश में है। डॉक्टर गिलाडा इस पसोपेश में हैं कि और ज्यादा लोगों को इसका शिकार बनने से कैसे रोका जाये क्योंकि कानूनन इस लडकी की पहचान सार्वजनिक नहीं हो सकती ताकि लोग इससे बचकर रहें। अब लडकी का मनोवैज्ञानिक इलाज करने की तैयारी हो रही है।

इस लडकी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना भी मुश्किल है क्योंकि इसके और इसके शिकार के बारे में जो भी जानकारी हासिल हुई है वो या तो लडकी ने खुद बताई है या फिर उसकी बहन ने। लडकी के शिकार किसी भुक्तभोगी ने पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं की..करेगा भी कैसे क्योंकि एचआईवी से ग्रस्त व्यकित ये बात दुनिया से छिपाना ही चाहेगा कि वो इस वायरस की गिरफ्त में है। दूसरा सवाल ये कि लडकी के खिलाफ पुलिस किस तरह की कानूनी कार्रवाई कर सकती है क्योंकि लडकी के शिकार कई शख्स शादीसुदा मर्द भी हैं जिनपर खुद adultery  का आरोप लग सकता है। सवाल ये भी है कि किस धारा के तहत पुलिस इस लडकी को पकडेगी। इस मामले में सबसे अहम ये भी है कि लडकी के शिकार ज्यादातर मर्दों को इस बात का शायद अब तक अंदाजा न हो कि इस लेडी वायरस ने उन्हें एचआईवी से ग्रस्त करा दिया है।

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