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Tuesday, 7 August 2007

हवाई अड्डे पर होशियार - जीतेंद्र दीक्षित

मुंबई के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक ऐसा गिरोह काम कर रहा है, जिसपर विदेशी मुसाफिरों से ठगी करने का आरोप है। हवाई अड्डे के टैक्सीवालों ने बाम्बे हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर कर शिकायत की है कि इस गिरोह के लोग खुद को बतौर लोडर पेश करके विदेशी मुसाफिरों का सामान चुराते हैं और उनसे ठगी करते हैं। हाईकोर्ट ने इनपर पाबंदी लगा दी है, लेकिन हवाई अड्डे के बाहर अब भी इनका कारोबार जारी है। इनके गले में लटके आईकार्ड को देखकर लोगों को भ्रम होता है कि ये Airport Authority of India की ओर से नियुक्त किया गया अधिकृत लोडर है, लेकिन ऐसा नहीं है। ये आई कार्ड है हमाल एकता संगठन का, जिसे एयरपोर्ट प्रशासन से कोई मान्यता नहीं मिली है। इनके खिलाफ एयरपोर्ट के टैक्सीवालों ने बाम्बे हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। आरोप है कि मदद के नाम पर ये विदेशी मुसाफिरों के साथ ठगी करते हैं।
एयरपोर्ट अथोरिटी ने कई बार इन अनधिकृत लोडरों के खिलाफ मुंबई पुलिस के पास शिकायत भी दर्ज कराई है। पुलिस ने शिकायतों पर कार्रवाई भी की, लेकिन इसके बावजूद इनकी गतिविधियां पूरी तरह से थमीं नहीं हैं। जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए बाम्बे हाईकोर्ट ने भी इनपर पाबंदी लगा दी है, पर हाईकोर्ट के आदेश का यहां कोई असर नहीं दिखता।
हमाल एकता संगठन इन आरोपों को बेबुनियाद बताता है।

इस मामले ने एयरपोर्ट पर सिर्फ विदेशी मुसाफिरों की सुरक्षा का सवाल ही खडा नहीं किया है। सवाल ये है कि परदेस से आये मुसाफिर यहां से भारत की कैसी छवि लेकर अपने देश लौटते हैं।

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