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Thursday, 14 May 2015

पगले के हाथ में परमाणु बम !

एक बार ओशो ने विश्वयुद्ध पर बात करते हुए अपने प्रवचन में एक वाकया सुनाया। दूसरे विश्वयुद्ध के बाद किसी ने मशहूर वैज्ञानिक अलबर्ट आइंस्टाईन से पूछा कि तीसरे विश्वयुद्ध के बारे में उनकी क्या भविष्यवाणी है। आइंस्टाईन ने जवाब दिया कि मैं तीसरे विश्वयुद्ध के बारे में कुछ नहीं कह सकता लेकिन चौथा विश्वयुद्ध कैसा होगा इसकी भविष्यवाणी मैं कर सकता हूं। फिर उस शख्स ने पूछा कि बताईये चौथा विश्वयुद्ध कैसा होगा? इस पर आइंस्टाईन का जवाब था कि उनकी भविष्यवाणी है - विश्वयुद्ध होगा ही नहीं। तीसरा विश्वयुद्ध ही इतना विनाशकारी होगा कि चौथा विश्वयुद्ध लडने के लिये धरती पर इंसान ही नहीं बचेंगे। जाहिर है आइंस्टाईन का इशारा परमाणु युद्ध की ओर था जो कि हमारी दुनिया की गर्दन पर तलवार की तरह लटका है। इसी संदर्भ उत्तर कोरिया से आई खबर चिंताजनक है। उत्तर कोरिया के शासक किम जों उन ने अपने रक्षा प्रमुख को सिर्फ इसलिये मिसाईल दाग कर मरवा दिया क्योंकि वो एक मीटिंग में सोता हुआ पाया गया। उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई, कोई न्यायिक प्रकिया नहीं चली...सीधे सजा-ए-मौत! वो भी क्रूरतम तरीके से मौत!
बीवी के कहने पर पूर्व प्रेमिका को गोली मरवा दी
उत्तर कोरिया एक परमाणु हथियार से लैस देश है ये बात साल 2006 के परमाणु परीक्षणों के बाद साबित हो चुकी है। इस देश के परमाणु हथियार एक ऐसे आदमी के कब्जे में हैं जो कि अपने खिलाफ की हुई छोटी सी बात भी बर्दाश्त नहीं करता, अपनी पत्नी के कहने पर अपनी पुरानी प्रेमिका और उसके ऑरकेस्ट्रा में काम करने वाले साथियों को मरवा देता है, शक के आधार पर अपने सगे चाचा और गुरू जंग सोंग थेक का कत्ल कर देता है। जब थेक की पत्नी इसका विरोध करती है तो उसे भी वो जहर देकर मार देता है, अपने आदेश की जरा सी भी अवमानना होने पर अपने अधिकारियों को जिंदा जला देता है। अपने पिता की मौत के बाद शोक काल के दौरान शराब पीते पाये गये एक मंत्री को बम से उडा देता है। 2013 से अब तक इस तरह से उत्तर कोरिया के करीब 70 अधिकारियों को मारा जा चुका है। ये शख्सियत है उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन की।

नंगी, भूखी प्रजा के साथ बेरहमी उत्तर कोरिया में आम है।
आप सोचेंगे कि किसी तानाशाह की ओर से अपना खौफ बरकरार रखने के लिये और भविष्य में होने वाले किसी विद्रोह को दबाने के लिये ऐसे तरीके अपनाया जाना कोई असामान्य बात नहीं है। दुनिया का इतिहास ऐसी सैकडों मिसालों से भरा पडा है जिसमें तानाशाहों ने अपने खिलाफ उठी आवाज को कुचल दिया। कुछ लोग ताजा उदाहरण दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भी मान सकते हैं, मद्देनजर उस नीति के जो उन्होने अपनी पार्टी के सहकर्मियों और मीडिया के प्रति अपनाई है। बहरहाल, बात उत्तर कोरिया की। अपने पिता की मौत के बाद शासक बने किम ने जो रवैया अपनाया, जो हरकतें कीं, उनसे किम की मानसिक दशा के बारे में कई संकेत मिलते हैं। उनसे ये पता चलता है कि वो कितना बेरहम है, कितना संवेदनाहीन है, कितना कान का कच्चा है, कितना असुरक्षित महसूस करता है, कितना अपरिपक्व है, कितना दुस्साहसी है और कितना खतरनाक है। ऐसा शासक अपनी प्रजा और सरकारी तंत्र के लिये तो दुर्भाग्य है ही लेकिन आज के वक्त में दुनिया की शांति के लिये भी खतरा है, खासकर दुनिया के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र की सुरक्षा की हालत इसने बेहद नाजुक बना दी है। वैसे तो किम के पिता और दादा भी अपने क्रूर और अजीबोगरीब फरमानों के लिये चर्चा में रहे हैं और अपनी प्रजा से खुद को मसीहा मनवाते रहे हैं, लेकिन किम क्रूरता के नये मापदंड स्थापित कर रहा है। क्रूरता के मामले में उसकी तुलना ISIS  से की जा सकती है। फर्क सिर्फ इतना है कि ISIS अपने क्रूर कृत्यों के वीडियो और तस्वीरें खुद जारी करता है, जबकि किम की हैवानियत की खबरें दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसियां और समाचार संस्थानों के मार्फत आतीं हैं।


दुनिया की चौथी सबसे बडी फौज।
जबसे किम उत्तर कोरिया का शासक बना है तबसे बीसियों बार वो परमाणु हथियारों के दम पर दक्षिण कोरिया को धमका चुका है और अमेरिका को भी घुडकी दे चुका है। 2013 में खबरें आईँ कि वो Intercontinental Ballistic Missiles बनाने की कोशिश भी कर रहा है जिनसे की वो दूसरे महाद्वीप के देशों को भी अपने निशाने पर ले सकता है। किम किसी की नहीं सुनता सिवाय चीन के, लेकिन जिस तरह की शख्सियत किम की है उससे वो चीन की भी कब सुनना बंद कर देगा इसका भरोसा नहीं। उत्तर कोरिया का सामाजिक जीवन सोनगुन नाम के सिद्धांत पर आधारित है जिसका मतलब है सबसे पहले फौज।यही वजह है कि उत्तर कोरिया का समाज दुनिया का सबसे बडा सैन्यीकरण किया हुआ समाज है। उत्तर कोरिया की सेना दुनिया की चौथी सबसे बडी सेना है। ऐसे में अपनी ताकत के गुरूर में आकर किम जैसा शख्स कभी कोई दुस्साहस नहीं करेगा, इसकी कोई गारंटी नहीं। रक्षा विश्लेषकों कहते हैं कि पाकिस्तान में जिस तरह आतंकवाद हावी हो रहा है, उससे एक डर है कि कहीं वो सत्ता अपने कब्जे में लेकर परमाणु हथियार हासिल न कर लें। धर्म के नाम पर पागल हुए लोग, परमाणु हथियारों के जरिये विनाशलीला न शुरू कर दें। पाकिस्तान के बारे में जो आशंकाएं हैं वो भविष्य को लेकर हैं, लेकिन उत्तर कोरिया में तो इस वक्त ही एक पागल आदमी परमाणु बम लिये हुए खडा है और इस पागल आदमी को लेकर चिंता सिर्फ दक्षिण कोरिया को ही नहीं करनी चाहिये... 
सटक गई तो सबको ठोंक डालूंगा !!!

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